Thursday, 15 March 2018

Dada Adeshwarji, Ho Dada Adeshwarji

Dada Adeshwarji, Ho Dada Adeshwarji
Door thi aavyo Dada darshan dyo


Koi ave haathi ghode,
Koi ave chadhe palane... (2)
Koi ave pag pade ...(2)
Dada ne darbaar, haan haan Dada ne darbaar
Dada Adeshwarji …


Sheth ave haathi ghode,
Raja ave chadhe palane... (2)
Hoon avoon pad pade ..(2)
Dada ne darbaar, haan haan Dada ne darbaar
Dada Adeshwarji …


Koi mooke sona rupa, Koi mooke mor... (2)
Koi mooke chapti chokha ...(2)
Dada ne darbaar, haan haan Dada ne darbaar
Dada Adeshwarji …


Sheth mooke sona rupa,
Raja mooke mor ...(2)
Hoon mooku chapti chokha... (2)
Dada ne darbaar, haan haan Dada ne darbaar
Dada Adeshwarji …


Koi maange kanchan kaya,
Koi maange aankh ...(2)
Koi maange charan ni seva... (2)
Dada ne darbaar, haan haan Dada ne darbaar
Dada Adeshwarji …


Paanglo maange kanchan kaya,
Aandhlo maange aankh ...(2)
Hoon maangu charan ni seva... (2)
Dada ne darbaar, haan haan Dada ne darbaar
Dada Adeshwarji …


Heer Vijay Guru heerlo, Ne Veer Vijay goon
gaay (2)
Shantunjay na darshan karta anand apar
Dada ne darbaar, haan haan Dada ne darbaar
Dada Adeshwarji …

Tu Mane Bhagwan Ek Vardaan Aapi De

Tu Mane Bhagwan Ek Vardaan Aapi De Jya Vase Che Tu Mane Tya Sthaan Aapi De
Hu Jivu Chu Ae Jagat Ma Jya Nathi Jeevan Zindagi Nu Naam Che Bas Boj Ne Bandhan Aakhri Avtaar Nu Mandaan Bandhi De
Jya Vase Che Tu Mane Tya Sthaan Aapi De
Aakhri Avtaar Nu Mandaan Bandhi De Tu Mane Bhagwan Ek Vardaan Aapi De Jya Vase Che Tu Mane Tya Sthaan Aapi De Aa Bhoomi Ma Khoob Gaaje Paap Na Padgham Besuri Thai Jayi Amari Punya Ni Sargam Dil Rubana Taar Nu Bhangan Saandhi De
Jya Vase Che Tu Mane Tya Sthaan Aapi De
Dil Rubana Taar Nu Bhangan Saandhi De Tu Mane Bhagwan Ek Vardaan Aapi De Jya Vase Che Tu Mane Tya Sthaan Aapi De Jo Vatan Ma Jya Lagi Che Sau Kare Shoshan Joma Jata Koi Ahiya Na Kare Poshan Matlabi Sansar Nu Jo Daan Kaapi De
Jya Vaseche Tu Mane Tya Sthaan Aapi De
Matlabi Sansar Nu Jo Daan Kaapi De
Tu Mane Bhagwan Ek Vardaan Aapi De Jya Vaseche Tu Mane Tya Sthaan Aapi De

Sunday, 11 March 2018

Siddhachal na vasi, Vimlachal na vasi,

Siddhachal na vasi, Vimlachal na vasi,
Jinji pyara, Adinath ne vandan amara,
   Prabhujinu mukhdu malke, Nainomathi varse,
   Amiras Dhara, Adinath ne vandan amara.

Prabhujino mukhdu che manko milakar,
Dil me bhakti ki jyot jalakar,
   Bhajle Prabhune bhave, Durgati kadi na aave,
   Jinji pyara, Adinath ne vandan amara. /1/

Ame toh mayanagarna vilasi,
Tame cho muktipuri na vasi,
   Karma bandhan kapo, moksh sukh aapo,
   Jinji pyara, Adinath ne vandan amara. /2/

Bhamine lakh chaurasi hu aavyo,
Punya darshan tumhara hu paayo,
   Dhanya divas maro, bhavna fera talo,
   Jinji pyara, Adinath ne vandan amara. /3/

Arji urma dharjo amaari,
Amne aasha che Prabhuji tamari,
   Kahe harsh have, sancha Swami tame, vandan kariye tame,
   Jinji pyara, Adinath ne vandan amara. /4/

दीन दुःखियानो

दीन दुःखियानो तुं छे बेली तुं छे तारणहार
तारा महिमानो नहीं पार.... 2
राजपाट ने वैभव छोड़ी, छोड़ी दीधो संसार
तारा महिमानो नहीं पार (1)

चंडकोशीयो डसीयो ज्यारे, दूधनी धारा पगथी निकले,
विषने बदले दूध जोईने, चंडकोशीयो आव्यो शरणे।।
चंडकोशीया ने ते तारी, कीधो घणो उपकार
तारा महिमानो नहीं पार (2)

कानमां खीला ठोक्या ज्यारे, थई वेदना प्रभुने भारे,
तो प्रभुजी शांत विचारे, गोवालीयानो नहीं वांक लगा रे।
क्षमा आपीने ते जीवों ने, तारी दीधो संसार
तारा महिमानो नहीं पार (3)

महावीर महावीर गौतम पुकारे, आँखों थी अश्रुधारा वहावे,
क्यां गया ओकला छोड़ी मुजने, हवे नथी कोई जगमां मारे।
पश्चाताप करता करता, उपन्यु केवलज्ञान
तारा महिमानो नहीं पार (4)

ज्ञानविमल गुरु वयणे आजे, गुण तमारा भावे गावे,
थई सुकानी तुं प्रभु आवे, भवजल नैया पार लगावे।
अरज अमारी उरमां धरजो वंदु वारंवार......
तारा महिमानो नहीं पार (5)

म्हारो मुजरो, म्हारो मुजरो ल्योने राज,

म्हारो मुजरो, म्हारो मुजरो ल्योने राज,
साहिब शांति सलूणा

अचिराजी ना नंदन तोरे, दरिसन हेते आव्यो,
समकित रीझ करोने साहिब, भक्ति भेटणं लाव्यो.म्हारो ..||1||

दु:ख भंजन छे बिरुद तुम्हारु, अमने आशा तुम्हारी।।
तुमे निरागी थइने छुट्या, शी गति होशे अमारी ।।.म्हारो ..।।2।।

कहेशे लोक न ताणी कहेवु, ओवडं स्वामी आगे।
पण बालक जो बोली न जाणे, तो केम व्हालो लागे .म्हारो ..।।3।।

म्हारे तो तुं समरथ साहिब, तो केम ओछु मांनु।।
चिंतामणि जेणे गांठे बांध्यु, तेहने काम किश्यानं .म्हारो ..।।4।।

अध्यातम रवि उग्यो मुज घट, मोह तिमिर हर्यु जुगते।
विमल विजय वाचक नो सेवक, राम कहे शुभ भगते .म्हारो ..।।5।।।

Wednesday, 28 February 2018

गुरु - तूंने खूब दिया, सब भक्तों को अब आज हमारी बारी है

तूंने खूब दिया, सब भक्तों को
अब आज हमारी बारी है ॥ टेर ॥

थोडा - २ देने से काम ना चल
मुझको तो आज जी भर के मिले
बहत दिनों इन्तजार किया
दादा ने मांगने का मौका दिया
यह सोच लेतूं, यह मान लेतूं॥। १ ॥ ·

मांगते है दादा तुमसे इतना
मेरा गुजारा चलता रहे
तेरा दिया हुआ खाता रहं
बस तेरा दश्शन मुझे मिलता रहे
चाहे कुछ भी करो, इन्कार ना करो ॥२॥

मांगने में मेरा जाता है क्या
दादा से जी भर मांगूगा।
आज तो मैं इतना ले जाऊंगा,
मांगने दुबारा न आऊंगा

थोड़ा ध्यान रखना, मेरी लाज रखना, अब आज ॥ ३।।

गुरु - मालपूरा तेरा सच्चा है धाम,

मालपूरा तेरा सच्चा है धाम,
सुनके कुजाल गुरु तेरा मैं नाम,
दर्शन पाने को आया दर पेतेरे - २ | टेर । ।

जैतसिरी के प्यारे, अपने भक्तो को परचा दिखाए
दिए वो इझोली, कभी दर पे तुम्हारे फैलाए
खाली है ये दामन, आज भराने को ॥ १ ॥

सोमवार पुनम, तेरे दर्शन की महिमा है भारी,
दर पे सर झुकाने, आते लाखो ही नर और नारी
मैं भी तेरे चरणों में, पुष्प चढाने को I २ ॥

क्या बताऊँ दादा, तेरे दर्शन का मैं हँ दिवाना
आश कर दो पूरी, दर से यूं ही न मुझको लौटाना,
रटे है दादा गुरु, आज मनाने को आया दर ॥ ३ ।।

गुरू - पलके ही पलके बिछायेंगे

पलके ही पलके बिछायेंगे।
जिस दिन प्यारे दादा घर आयेगे
हम तो है, दादा के जन्मों के दीवाने - २
मीठे-मीटे भजन सुनायेंगे जिस दिन || टेर ॥

घर का कौना-कौना मैने फूलों से सजाया है
बंधन वार बधाई घी का. दीपक जलाया है
प्रेमी जनों को बलायेंगे - २ ॥ १ ॥

गंगाजल की झारी गुरु के चरणों में वारुं रे
भोग लगाऊं लाड लडाऊं आरती उतारुं
खुशबू ही खुराबू उडायेंगे - २ ॥२ ॥

अब तो लगन एक ही दादा, प्रेम सुधा बरसा दो
जनम जनम की मेली चादर, अपने रंग रंगादे
जीवन को जीवन बनाएंगे - २ ॥३ ।।

गुरु - दादा तेरे चरणों में, शीशा हम झूकायेंगे

दादा तेरे चरणों में, शीशा हम झूकायेंगे - २
भाव भरे - ३ श्रद्धा के. सुमन चढ़ायेंगे ॥ टेर ॥

तुम बिन दुनिया में, कौन हमारा है ।
छोड़ तेरे ३ इस दर को, किस दर जायेगे ॥ १ ।।

अरज सुनी उसकी, जिसने पुकारा है ।
नाम तेरा ३ लेकर के., तेरे गुण गायेंगे ॥ २ ॥

दादा तेरी महिमा भी अजब निराली है ।
तेरी प्यारी ३ मूरत को, दिल में बसायेंगे ॥ ३ ॥

हम सब के ये नैना, दर्शा के प्यासे हैं ।
रोज तेरे ३ चरणों में, ध्यान लगायेगे ॥ ४ ॥

गुरु - लाखों भक्त है दादा

लाखों भक्त हैं तेरे दादा-२
इक और बढ़ाले, मुझे अपना बना ले...।।टेर।

श्रंगार करूंगा, तेरा में हरदम, (सुन्दर)
तेरी भक्ति करूगा, दादा `मैं हरदम,
चाकर तेरे हैं, कितने दादा-२
इक और बढ़ाले, मुझे अपना बना ले ।॥ लाखों ।१॥

मालपुरा में गुरु ने, था ध्यान लगाया,
अर्हम् अर्हम् का जाप बताया,
परचे तेरे हैं, कितने दादा-२
इक और दिखा दें, मुझे अपना बना ले ॥ लाखों ॥२॥

दरबार सजा है, गुरुदेव का प्यारा,
भक्तों की भक्ति का है, ये नजारा,
कब से खड़े हैं, तेरे द्वारे दादा-२
आदर्श दिखा दे, मुझे अपना बना ले ॥ लाखों ॥३॥

गुरुदेव - बड़ी दुर से चलकर आया हूं मेरे दादा तेरे दर्शन के लिए

बड़ी दुर से चलकर आया हूं, मेरे दादा तेरे दर्शन के लिए ।
एक फुल गुलाब का लाया हूं, चरणों में तेरे रखने के लिए ॥

ना रौली मोली चावल हैं, ना धन दौलत की थैली हैं ।
दो आंसू बचाकर लाया हूं, बस पूजा तेरी करने के लिए ॥

ना रंगमहल की अभिलाषा, ना इच्छा सोने चांदी की ।
तेरी दया की दौलत काफी है, बस झोली मेरी भरने के लिए ॥

मेरे दादा इच्छा नहीं मेरी, अब यहां से वापस जाने की ।
चरणों में जगह दे दो थोड़ी, मुझे जीवनभर रहने के लिए ॥

गुरु - जब कोई नहीं आता, मेरे दादा आते हैं।

जब कोई नहीं आता, मेरे दादा आते हैं।
मेरे द:ख के दिनों में वो, बड़े काम आते हैं || टेर ॥

मेरी नैया चलती है, पतवार नहीं चलती
किसी और की अब मझको, दरकार नहीं होती
मैं डरता नहीं जगसे, गुरु साथ आते हैं। १ ॥

कोई याद करें इनको, द:ख हल्का हो जाये
कोई भक्ति करे इनकी, ये उनके हो जाये
ये बिन बोले कछ भी, पहचान जाते हैं ॥ २ ॥ |

ये कितने बड़े होकर, दीनों से प्यार करें ।
अपने भक्तों के दु:ख, पल में स्वीकार करें
हर भक्तों का कहना, ये मान जाते हैं ॥ ३ ॥

गुरु - मेरे सर पर रख दो गुरुवर, अपने ये दोनो हाथ ।

मेरे सर पर रख दो गुरुवर, अपने ये दोनो हाथ ।
गुरुवर हम को दीजिये, जन्म-जन्म साथ, ।॥ टेर ।

सुना है हमने शारणागत को, अपने गले लगाते हो ।
ऐसा हमने क्या मांगा जो, देने से घबराते हो ।
चाहे सुख में रखो या द:ख में, बस थामे रहना हाथ || १ ॥

गम की आग में झूलस रहे हैं, प्यार की छाया कर दे तूं ।.
बिन मांझी के नाव चले ना, अब पतवार पकड़ ले तूं । -
मेरा रस्ता रोशान कर दो-२, छायी अंधियारी रात ॥ २ ॥। -

बिन गुरु ज्ञान कहां से पाये, जीवन में अंधियारा है ।
संत समागम हो जाये तो, जीवन में उजियारा है ।
कशल गुरु से मांगते, बस इतना आशीव्वाद ॥ ३ ॥